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	<title>Herald Scoop | हेराल्ड स्कूप</title>
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	<description>Hindi News, Breaking News, Politics &#38; Lifestyle News</description>
	<lastBuildDate>Thu, 18 Jun 2026 11:39:10 +0000</lastBuildDate>
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	<title>Herald Scoop | हेराल्ड स्कूप</title>
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		<title> 20 हजार करोड़ के दांव से भारत बनेगा का लॉजिस्टिक्स किंग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 11:39:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक शक्ति के लिए अहम माना जा रहा है। 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल भविष्य में 21 मिलियन टीईयू क्षमता तक पहुंच सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डी.के. जोशी ने गुरुवार को ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट &#8230;]]></description>
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<p>ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक शक्ति के लिए अहम माना जा रहा है। 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल भविष्य में 21 मिलियन टीईयू क्षमता तक पहुंच सकता है।</p>



<p>अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डी.के. जोशी ने गुरुवार को ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर पीटीआई से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना भारत के समुद्री व्यापार के लिए गेम-चेंजर साबित होगी और अंडमान-निकोबार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी। जोशी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, परियोजना अब पहले दौर में प्रवेश करने जा रही है और इसका प्रमुख हिस्सा इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT) देश के समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</p>



<p><strong>‘तीन साल में पूरा होगा पहला चरण’<br></strong>उपराज्यपाल जोशी के मुताबिक, ‘पहले चरण में यह टर्मिनल लगभग 6 मिलियन टीईयू (TEU) कार्गो क्षमता संभालने में सक्षम होगा और इसे बनाने पर करीब 20,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी और कार्य शुरू होने के तीन वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंतिम चरण में इसकी क्षमता बढ़कर 21 मिलियन टीईयू तक पहुंच सकती है, जिससे यह न केवल भारत बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाहों में शामिल हो जाएगा। बता दें कि टीईयू कंटेनर जहाजों की कार्गो क्षमता और बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता मापने की मानकीकृत इकाई है।</p>



<p><strong>पीपीपी मॉ़डल के तहत तैयार किया जा रहा प्रोजेक्ट<br></strong>ग्रेट निकोबार की मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थिति का उल्लेख करते हुए जोशी ने कहा कि यह बंदरगाह वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना में बंदरगाह आधारित विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और आदिवासी समुदायों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया जाएगा।</p>



<p><strong>एयरपोर्ट और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिलेगा विस्तार<br></strong>बंदरगाह के साथ एक ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी कम से कम एक रनवे के अगले तीन वर्षों में चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कैंपबेल बे स्थित नौसैनिक एयर स्टेशन आईएनएस बाज की मौजूदा रनवे को लगभग तीन किलोमीटर तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके।</p>



<p><strong>‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मिलेगी नई गति<br></strong>जोशी ने कहा कि ये सभी पहल भारत के ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की आर्थिक एवं रणनीतिक महत्ता को मजबूत करेंगी।<br>उन्होंने द्वीप समूह में चल रही अन्य पहलों का भी जिक्र किया, जिनमें कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ कौशल विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए हुए समझौते शामिल हैं। इनका उद्देश्य जहाज मरम्मत क्षमताओं को बढ़ाना है।</p>



<p><strong>‘जहाज मरम्मत और निर्माण केंद्र के रूप में विकसित होगा क्षेत्र’<br></strong>जोशी ने बताया कि स्वराज द्वीप (पूर्व में हैवलॉक द्वीप) के निकट पोर्ट मीडोज में प्रस्तावित शिप-टू-शिप ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल तथा डिगलीपुर के पास अटलांटा बे में प्रस्तावित गहरे पानी के बहुउद्देश्यीय बंदरगाह जैसी परियोजनाएं ग्रेट निकोबार परियोजना को और मजबूती प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा, ‘इन विकास कार्यों के साथ अंडमान सागर में अगले पांच वर्षों के दौरान जहाजरानी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इससे यह क्षेत्र पहले जहाज मरम्मत केंद्र और बाद में जहाज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।’ वहीं, अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं को लेकर कई अध्ययन जारी हैं और आने वाले वर्षों में इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।</p>



<p><strong>प्रोजेक्ट पर कांग्रेस ने जताई है आपत्ति<br></strong>हालांकि, ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर कुछ पक्षों ने पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी जताई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस परियोजना से पारिस्थितिक तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचेगा और बड़ी संख्या में प्रवाल (कोरल) कॉलोनियों का विनाश हो सकता है।</p>
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		<item>
		<title>उत्तराखंड: राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में होगा बदलाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 09:03:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा।</p>



<p>प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा, राशन विक्रेताओं का 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा।</p>



<p>मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा बैठक में कहा कि राशन कार्ड बनाने के न्यूनतम आय मानक काफी पुराने हो चुके हैं। इससे लोगों को कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को एक समिति बनाकर इन मानकों की समीक्षा करने को कहा। समिति में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।</p>



<p>केंद्र सरकार से हाल ही में 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। इसी के तहत नवंबर से जो लाभांश बकाया है उसे जारी किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, अपर आयुक्त पीएस जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी आदि मौजूद रहे।</p>



<p><strong>राशन वितरण प्रणाली होगी ऑनलाइन<br></strong>बैठक में राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश 50 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये करने की मांग उठाई। इस पर मंत्री ने कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया। राशन विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इससे मैन्युअल रजिस्टर रखने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। राशन कार्ड बनाने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए केंद्र से दो प्रशिक्षक बुलाए गए हैं।</p>



<p><strong>चारधाम यात्रा और गैस आपूर्ति<br></strong>बैठक में चारधाम यात्रा को देखते हुए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन माह का राशन जल्द दुकानों तक पहुंचाने को कहा गया है। इससे राशन वितरण में कोई देरी नहीं होगी। एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के बाद मंत्री ने बताया। प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह नियमित है। कहीं से भी गैस की कमी की कोई शिकायत नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम योगी का आज कानपुर दौरा, प्राकृतिक खेती को मिलेगी नई दिशा</title>
		<link>https://heraldscoop.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 07:19:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कानपुर के करीब चार घंटे के दौरे पर रहेंगे। उनका मुख्य कार्यक्रम सीएसए में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके बाद, वे एचबीटीयू में कानपुर मंडल की विकास परियोजनाओं, विशेषकर सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार यानी आज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कानपुर के करीब चार घंटे के दौरे पर रहेंगे। उनका मुख्य कार्यक्रम सीएसए में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके बाद, वे एचबीटीयू में कानपुर मंडल की विकास परियोजनाओं, विशेषकर सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे।</p>



<p>कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार यानी आज करीब तीन घंटे 50 मिनट के दौरे पर शहर आएंगे। उनका दौरा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेगा। उनके आगमन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।</p>



<p>मुख्यमंत्री सीएसए में प्राकृतिक खेती विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर तकनीक, नवाचार और खेती के नए मॉडल की जानकारी लेंगे। इसके बाद सीएसए सभागार में प्राकृतिक खेती कार्यशाला में इसे बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और रासायनिक खेती के विकल्पों पर चर्चा करेंगे।</p>



<p><strong>किसानों से संवाद भी कर सकते हैं सीएम<br></strong>कार्यशाला में जिले के करीब 600 किसानों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सीएम किसानों से संवाद भी कर सकते हैं। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस जाएंगे। इसके बाद वह एचबीटीयू स्थित संयुक्त आयुक्त उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे।</p>



<p><strong>परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी<br></strong>इसमें कानपुर मंडल की सड़कों, पुलों, मार्ग चौड़ीकरण और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।</p>



<p><strong>मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम</strong></p>



<p>11:45 बजे- सीएसए हेलीपैड पर आगमन<br>11:55 से 12:10 बजे- प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी का अवलोकन।<br>12:15 से 1:15 बजे- प्राकृतिक खेती कार्यशाला में सहभागिता।<br>1:20 से 2:20 बजे- सीएसए गेस्ट हाउस में आरक्षित समय।<br>2:25 से 3:25 बजे- एचबीटीयू में समीक्षा बैठक।<br>3:35 बजे- हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए प्रस्थान।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्मार्ट पोर्ट्स की दिशा में पहल: आईपीए और अनुवादिनी ए.आई. की रणनीतिक साझेदारी</title>
		<link>https://heraldscoop.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 05:56:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने भारत के पत्तन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. एक ऐतिहासिक समझौता जो देश भर में स्मार्ट, प्रौद्योगिकी-संचालित बंदरगाहों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता हैडिजिटल नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारतीय पत्तन संघ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने भारत के पत्तन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. एक ऐतिहासिक समझौता जो देश भर में स्मार्ट, प्रौद्योगिकी-संचालित बंदरगाहों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है<br>डिजिटल नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो प्रौद्योगिकी की शक्ति के माध्यम से भारत के पत्तन क्षेत्र को रूपांतरित करने में सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत है।</p>



<p>यह समझौता ज्ञापन भारतीय पत्तन संघ के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल, आई.ए.एस., और अनुवादिनी ए.आई. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर के बीच हस्ताक्षरित हुआ। यह साझेदारी आई.पी.ए. की संस्थागत मजबूती और अनुवादिनी ए.आई. की तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाकर स्मार्ट बंदरगाह संचालन के एक नए युग की शुरुआत करती है।</p>



<p>इस समझौते की शर्तों के अनुसार, दोनों संगठन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.), बिजनेस इंटेलिजेंस (बी.आई.), डिजिटल इंटेलिजेंस (डी.आई.) और उन्नत अनुवाद प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी में भारत के पत्तन क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार प्रशिक्षण कार्यक्रम, सलाहकार सेवाएं और व्यापक डिजिटल रूपांतरण पहलें भी शामिल होंगी।</p>



<p>इस अवसर पर बोलते हुए, भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल, आई.ए.एस. ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन भारत के बंदरगाहों के आधुनिकीकरण के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनुवादिनी ए.आई. के साथ साझेदारी करके, हम एक कुशल, बुद्धिमान और भविष्य के लिए तैयार पत्तन तंत्र के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठा रहे हैं।”</p>



<p>अनुवादिनी ए.आई. के सीईओ डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर ने इस सहयोग पर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “भारतीय पत्तन संघ के साथ इस परिवर्तनकारी यात्रा में साझेदार बनकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। अनुवादिनी ए.आई. भारतीय बंदरगाहों की परिचालन क्षमताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए ए.आई. और डिजिटल प्रौद्योगिकियों की सर्वोत्तम क्षमताओं का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>



<p>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक शीर्ष संस्था है। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, आई.पी.ए. और अनुवादिनी ए.आई. का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना और लागू करना है जो न केवल बंदरगाह की कार्यक्षमता और कार्गो प्रबंधन में सुधार करेंगे, बल्कि उन्नत अनुवाद प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भाषा और संवाद की बाधाओं को भी दूर करेंगे, जो एक बहुभाषी और विविधतापूर्ण समुद्री परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कारक है।</p>



<p>यह सहयोग भारत के वैश्विक समुद्री केंद्र बनने के दृष्टिकोण को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो राष्ट्रीय समुद्री विकास कार्यक्रम और डिजिटल इंडिया के व्यापक एजेंडे के अनुरूप है।</p>



<p><strong>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) के बारे में<br></strong>भारतीय पत्तन संघ भारत सरकार द्वारा स्थापित एक शीर्ष संस्था है जो सभी प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक साझा मंच के रूप में कार्य करती है। आई.पी.ए. भारत के प्रमुख पत्तन ट्रस्टों में शोध, विकास और नीति समन्वय को सुगम बनाती है, तथा समुद्री क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता और सतत विकास की दिशा में कार्य करती है।</p>



<p><strong>अनुवादिनी ए.आई. के बारे में<br></strong>अनुवादिनी ए.आई. एक प्रौद्योगिकी-संचालित संगठन है जो ए.आई. अनुवाद प्रौद्योगिकियों और डिजिटल रूपांतरण समाधानों पर केंद्रित है। यह फाउंडेशन समावेशी और कुशल विकास के लिए डिजिटल उपकरणों की क्षमता का उपयोग करने हेतु सरकारी निकायों, संस्थानों और उद्योगों के साथ काम करता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या आपको भी होता है किडनी के पास दर्द? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 05:17:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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					<description><![CDATA[किडनी कैंसर और किडनी स्टोन दोनों ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं। हालांकि, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से बिना डॉक्टरी जांच के इनमें फर्क कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>किडनी कैंसर और किडनी स्टोन दोनों ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं। हालांकि, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से बिना डॉक्टरी जांच के इनमें फर्क कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है।</p>



<p>एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल आनंद के अनुसार, इन दोनों बीमारियों के अंतर को समझना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते सही इलाज मिल सके। आइए, आज World Kidney Cancer Day के मौके पर जानते हैं कि आप किडनी स्टोन और किडनी कैंसर के बीच का फर्क कैसे पहचान सकते हैं।</p>



<p><strong>किडनी स्टोन क्या है और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण?<br></strong>किडनी स्टोन असल में मिनरल्स और नमक के ठोस टुकड़े होते हैं, जो किडनी के अंदर बन जाते हैं।</p>



<p>जब किसी को पथरी होती है, तो उसे पीठ, कमर के साइड में या पेट के निचले हिस्से में अचानक और बहुत तेज दर्द होता है। यह दर्द लहरों की तरह आता-जाता रहता है। इसके अलावा कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे:</p>



<p>जी मिचलाना और उल्टी आना।<br>पेशाब करते समय जलन महसूस होना।<br>पेशाब में खून आना।</p>



<p>अगर पथरी छोटी है, तो वह अक्सर अपने आप पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है, लेकिन बड़ी पथरी के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है।</p>



<p><strong>किडनी कैंसर कैसे अलग है?<br></strong>दूसरी तरफ, किडनी कैंसर तब होता है जब किडनी में असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित होकर तेजी से बढ़ने लगती हैं।</p>



<p>सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि शुरुआती स्टेज में किडनी कैंसर का कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता। कई बार तो इसका पता अचानक तब चलता है, जब किसी और वजह से इमेजिंग टेस्ट करवाए जाते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, ये लक्षण सामने आ सकते हैं:</p>



<p>पेशाब में खून आना।<br>कमर के साइड या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना।<br>बिना किसी कारण के वजन कम होना।<br>बहुत ज्यादा थकान और बुखार रहना।<br>पेट में किसी गांठ का महसूस होना।</p>



<p><strong>दर्द से समझें दोनों के बीच का सबसे बड़ा अंतर<br></strong>अगर आप कन्फ्यूज हैं, तो ‘दर्द का तरीका’ दोनों के बीच एक बहुत बड़ा अंतर बता सकता है:</p>



<p>पथरी का दर्द: यह एकदम अचानक उठता है, बहुत तेज होता है और रुक-रुक कर आता है।<br>कैंसर का दर्द: यह दर्द हल्का, लेकिन लगातार बना रहता है, और समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।</p>



<p>यह सच है कि पेशाब में खून दोनों ही बीमारियों में आ सकता है, लेकिन अगर इसके साथ बिना किसी कारण के तेजी से वजन गिर रहा है और लगातार थकान बनी हुई है, तो यह कैंसर का इशारा हो सकता है।</p>



<p><strong>सही जांच है बेहद जरूरी<br></strong>चूंकि दोनों बीमारियों के कई लक्षण आपस में मिलते-जुलते हैं, इसलिए अगर आपको पेशाब से जुड़ी कोई भी लगातार बनी रहने वाली समस्या हो या पेशाब में खून दिखे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।</p>



<p>डॉक्टर सही बीमारी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और लेबोरेटरी टेस्ट की मदद लेते हैं। सही जांच के बाद ही वह आपको एक सही इलाज की सलाह दे सकते हैं।</p>
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		<title>प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 पर गलती से हो जाएं चंद्र दर्शन, तो झूठे कलंक से बचने के लिए तुरंत करें ये उपाय</title>
		<link>https://heraldscoop.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%9a%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%80-2026-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%b2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 04:54:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल यह व्रत 18 जून, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। यह दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के लिए सबसे खास माना जाता है। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल यह व्रत 18 जून, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। यह दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के लिए सबसे खास माना जाता है।</p>



<p>भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर चंद्रमा के दर्शन करना निषिद्ध माना गया है। ऐसे में अगर चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन हो जाए तो क्या करना चाहिए?</p>



<p><strong>विनायक प्रद्युम्न चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचें<br></strong>माना जाता है कि विनायक प्रद्युम्न चतुर्थी के मौके पर चंद्र दर्शन करने से बचना चाहिए। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से व्यक्ति पर झूठा कलंक लग सकता है। इसलिए चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है।</p>



<p><strong>चंद्र दर्शन हो जाए तो क्या करें?<br></strong>पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन चंद्र दर्शन के कारण भगवान श्रीकृष्ण पर स्यमंतक मणि की चोरी का झूठा कलंक लगा था। यदि आप भी गलती से चतुर्थी तिथि के मौके पर चंद्रमा के दर्शन कर लेते हैं, तो श्रीमद्भागवत के 10वें स्कंद के 56-57वें अध्याय में दी गई स्यमंतक मणि की चोरी की कथा का सम्मान और सच्ची श्रद्धा के साथ पाठ करना चाहिए।</p>



<p>इसके अलावा मिथ्या कलंक का प्रभाव कम करने के लिए नीचे दिए गए मंत्रों का 21, 54 या 108 बार जाप करके पवित्र किया हुआ पानी पीने से कलंक का असर काफी कम हो जाता है।</p>



<p><strong>सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः ।<br>सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः ।।</strong></p>



<p><strong>ब्रह्मवैवर्त पुराण में चंद्र दर्शन के उपाय<br></strong>इसके अलावा ब्रह्मवैवर्त पुराण के 78.62-63, श्लोक में बताया गया है कि, चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन से कलंक लगता है। अगर दर्शन हो जाए तो बताए गए मंत्र और तृतीया या पंचमी तिथि के मौके पर चंद्रमा का दर्शन कर लो और स्यमंतक मणि की चोरी की कथा का सुननी या कहनी चाहिए। इससे चंद्र दर्शन का दुष्प्रभाव कम होता है।</p>



<p>वहीं अगर आपको किसी जरूर काम से बाहर जाना हो और चंद्र दर्शन का अंदेशा हो तो पहले अपने हाथ में फल, मिठाई या दही लेकर ही चंद्र के दर्शन करें। इससे चंद्र दर्शन का अशुभ फल प्राप्त नहीं होगा। इसके साथ ही घर से बाहर जाते समय या वापस आकर स्यमंतक मणि की कथा जरूर पढ़ें।</p>
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		<title>18 जून 2026 का राशिफल</title>
		<link>https://heraldscoop.com/18-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-2026-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 04:43:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[मेष राशिआज का दिन भागदौड़ और व्यस्तता से भरा रह सकता है, मानो एक साथ कई काम आपका इंतजार कर रहे हों। लेकिन हर काम को जरूरी समझकर खुद पर बोझ डालने की जरूरत नहीं है। समझदारी इसी में होगी कि आप जरूरी कामों को प्राथमिकता दें। संतान की ओर से कोई खुशखबरी दिल को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>मेष राशि</strong><br>आज का दिन भागदौड़ और व्यस्तता से भरा रह सकता है, मानो एक साथ कई काम आपका इंतजार कर रहे हों। लेकिन हर काम को जरूरी समझकर खुद पर बोझ डालने की जरूरत नहीं है। समझदारी इसी में होगी कि आप जरूरी कामों को प्राथमिकता दें। संतान की ओर से कोई खुशखबरी दिल को सुकून देगी और चेहरे पर मुस्कान ले आएगी। लंबे समय से मन में छिपी कोई इच्छा आज पूरी हो सकती है, जिससे भीतर एक अलग संतोष महसूस होगा। पुराने अधूरे कामों को पूरा करने का उत्साह रहेगा और घर में किसी शुभ आयोजन की तैयारियां खुशियों का माहौल बना देंगी।</p>



<p><strong>वृषभ राशि</strong><br>आज आलस्य को किनारे रखकर पूरे जोश के साथ आगे बढ़ने का दिन है। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और कोई नई बड़ी जिम्मेदारी शुरुआत में थोड़ी घबराहट दे सकती है, लेकिन सहयोगियों का साथ आपका हौसला बढ़ाएगा। बोलते समय शब्दों पर नियंत्रण रखें, क्योंकि छोटी-सी बात भी विवाद खड़ा कर सकती है। परिवार में किसी मुद्दे को लेकर बहस होने की संभावना है, लेकिन धैर्य और समझदारी से स्थिति संभल जाएगी। घर की सजावट या बदलाव का विचार मन में आ सकता है और कोई मित्र आर्थिक मदद के लिए आपसे संपर्क कर सकता है।</p>



<p><strong>मिथुन राशि</strong><br>आज नए काम की शुरुआत के लिए समय काफी अनुकूल है। यदि लंबे समय से कोई नया कदम उठाने की सोच रहे थे, तो अब आगे बढ़ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ चल रही गलतफहमियां बातचीत से दूर होंगी और रिश्ते में फिर से मिठास लौटेगी। दूर रहने वाले किसी खास व्यक्ति की याद आपको भावुक कर सकती है। वाहन से जुड़ी छोटी परेशानी अचानक खर्च बढ़ा सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं होगी। किसी सहयोगी की बात दिल को चुभ सकती है, इसलिए बेकार की बातों में पड़ने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।</p>



<p><strong>कर्क राशि</strong><br>आज आपका मन दूसरों की मदद करने और सेवा भाव में लगा रहेगा। जरूरतमंदों की सहायता करके आपको आत्मिक शांति मिलेगी। संतान के साथ अच्छा समय बिताने या कहीं घूमने जाने का मौका मिल सकता है, जिससे रिश्तों में और अपनापन आएगा। पुराना लेन-देन जो लंबे समय से परेशानी दे रहा था, अब सुलझ सकता है। कामों में धैर्य और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। यात्रा के दौरान कोई ऐसी जानकारी मिल सकती है, जो आगे आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।</p>



<p><strong>सिंह राशि</strong><br>आज का दिन अच्छे परिणाम लेकर आएगा, लेकिन कार्यक्षेत्र में किसी से हल्की बहस होने की संभावना है, इसलिए शांत रहना जरूरी होगा। संतान से किया गया कोई वादा पूरा करना पड़ सकता है और पिता की ओर से नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। घर में पूजा-पाठ या धार्मिक आयोजन से माहौल सकारात्मक और उत्साहपूर्ण रहेगा। आसपास के लोगों पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि कोई आपके हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। धन से जुड़ा कोई मामला थोड़ी चिंता दे सकता है, लेकिन धैर्य से स्थिति संभल जाएगी।</p>



<p><strong>कन्या राशि</strong><br>आज खुशखबरियां आपके दिन को खास बना सकती हैं। व्यवसाय में किए गए बदलाव अच्छे परिणाम देंगे और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देंगे। बॉस के साथ चल रही दूरी खत्म होगी और संबंध पहले से बेहतर बनेंगे। घर की सजावट या नई चीजों की खरीदारी का मन बनेगा, जिससे घर का माहौल और खूबसूरत लगेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी है। हालांकि भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेने से बचें, क्योंकि आपका सख्त निर्णय किसी करीबी को नाराज कर सकता है।</p>



<p><strong>तुला राशि</strong><br>आज हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाने की जरूरत होगी। पुरानी गलतियों से मिली सीख आज आपके लिए सफलता का रास्ता खोल सकती है। बिना मांगे सलाह देने से बचें और अपने आसपास के लोगों पर नजर बनाए रखें। यदि यात्रा पर जाएं, तो अपने जरूरी और कीमती सामान का खास ध्यान रखें। धन से जुड़ी कोई परेशानी किसी भाई या करीबी व्यक्ति की मदद से हल हो सकती है, जिससे मन हल्का महसूस करेगा।</p>



<p><strong>वृश्चिक राशि<br></strong>आज आप सफलता और प्रगति की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाते नजर आएंगे। परिवार के बड़े सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करना रिश्तों को और मजबूत बनाएगा। घर में संपत्ति या बंटवारे को लेकर चर्चा हो सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। मन में चल रही कोई चिंता आपको बेचैन कर सकती है। संतान की पढ़ाई और भविष्य को लेकर आप कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, जो आगे चलकर उनके लिए फायदेमंद साबित होगा।</p>



<p><strong>धनु राशि</strong><br>आज का दिन समझदारी से फैसले लेने का है। बच्चों के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा और घर का माहौल भी हल्का-फुल्का बना रहेगा। काम को लेकर जो चिंता चल रही थी, वह अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आएगी। घर में मेहमानों का आना-जाना रौनक बढ़ा सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं।</p>



<p><strong>मकर राशि</strong><br>आज का दिन सुखद और लाभदायक साबित हो सकता है। परिवार में किसी नए मेहमान के आने से खुशियों का माहौल रहेगा। शेयर मार्केट या निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है और आपके कामों की तारीफ आपको नई पहचान दिला सकती है। निवेश करते समय दूसरों की बातों में आकर फैसला न लें। साझेदारी में किए गए काम उम्मीद से बेहतर परिणाम देंगे। दोस्तों के साथ बिताया गया समय मन को हल्का और खुश कर देगा।</p>



<p><strong>कुंभ राशि</strong><br>आज आप ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेंगे। किसी सामाजिक या राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा, जिससे आपकी छवि मजबूत होगी और सम्मान भी बढ़ेगा। माताजी से किया गया कोई वादा पूरा करने का प्रयास करेंगे। संतान अपने करियर या नौकरी को लेकर आपसे सलाह मांग सकती है। व्यवसाय में हल्के उतार-चढ़ाव बने रहेंगे, लेकिन आपकी समझदारी हर परिस्थिति को संभाल लेगी।</p>



<p><strong>मीन राशि</strong><br>आज का दिन खुशी, सुकून और हल्के-फुल्के पलों से भरा रहेगा। परिवार के साथ बैठकर पुराने मतभेद खत्म करने में सफलता मिलेगी। मन में किसी के लिए ईर्ष्या या नकारात्मकता न रखें, क्योंकि आपकी सकारात्मक सोच ही आपको आगे बढ़ाएगी। घूमने-फिरने या अपने शौक पूरे करने का मौका मिल सकता है। सरकारी योजनाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल सकते हैं और संतान की सेहत को लेकर थोड़ा अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत होगी।</p>
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		<item>
		<title>राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी 20 जून को ओडिशा दौरे पर, संताली पवित्र स्थल पर करेंगे पूजा-अर्चना</title>
		<link>https://heraldscoop.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 11:18:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को ओडिशा के मयूरभंज जिले में संताली समुदाय के पवित्र स्थल ‘गोसानी’ में पूजा-अर्चना करेंगे। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल वालों के पैतृक गांव पहाड़पुर का दौरा करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रपति के 68वें जन्मदिन पर पारंपरिक संताली अनुष्ठानों में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को ओडिशा के मयूरभंज जिले में संताली समुदाय के पवित्र स्थल ‘गोसानी’ में पूजा-अर्चना करेंगे। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मुर्मू के ससुराल वालों के पैतृक गांव पहाड़पुर का दौरा करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रपति के 68वें जन्मदिन पर पारंपरिक संताली अनुष्ठानों में भाग लेंगे।</p>



<p><strong>क्या है पूरा कार्यक्रम?<br></strong>उस दिन दोपहर के आसपास मोदी के पहाड़पुर के हेलीपैड पर उतरने और फिर गोसानी जाने की उम्मीद है, जहां वे और मुर्मू प्रार्थना करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले, 19 जून को राष्ट्रपति के पास के रायरांगपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और संताली भाषा की शोधकर्ता दमयंती बेशरा के अनुसार, गोसानी एक पूजनीय ग्राम देवता और पूर्वजों की आत्माओं तथा सामुदायिक नेताओं के आध्यात्मिक संरक्षकों का स्थान है।</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘संताली लोग नए उद्यम शुरू करने और लंबी यात्राओं से सुरक्षित लौटने की खुशी में गोसानी में मत्था टेकते हैं।’ संताली रीति-रिवाजों के अनुसार, गोसानी परिसर में प्रवेश करने वाले आगंतुक पारंपरिक संताली पोशाक पहनते हैं। यहां तक कि परिसर में आने वाले वर्दीधारी रक्षाकर्मी भी प्रार्थना करने से पहले संताली वस्त्र ओढ़ते हैं।</p>



<p><strong>गोसानी स्थल का क्या है महत्व<br></strong>बेशरा ने कहा कि गोसानी स्थल आम तौर पर या तो गांव के केंद्र में या संताली बस्तियों के प्रवेश द्वार पर स्थित होते हैं और आदिवासी समुदाय के लिए इनका गहरा धार्मिक महत्व है। गोसानी की यात्रा के बाद, मोदी द्वारा मुर्मू के पति और दो बेटों को समर्पित स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने और ग्रामीणों से बातचीत करने की भी उम्मीद है।</p>



<p><strong>मीडिया के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध<br></strong>इस बीच, सरकार ने दोनों नेताओं के दौरे के दौरान गांव में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। पत्रकारों को भेजे गए एक संदेश में, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआई एंड पीआरओ) ने मीडियाकर्मियों से अनुरोध किया कि वे यात्रा के दौरान गांव में न जाएं और न ही प्रवेश करें। इसमें कहा गया है कि जिला खुफिया ब्यूरो की सिफारिशों के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया था। इसमें आगे कहा गया है, ‘प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे इस प्रतिबंध पर ध्यान दें और वीवीआईपी यात्रा के सुचारू संचालन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के रखरखाव को सुनिश्चित करने में अपना सहयोग दें।’</p>



<p>अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रमुख क्षेत्रों को ड्रोन और हवाई उड़ान निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया है और यात्रा से पहले व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के लिए लगभग 5,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। मुर्मू और मोदी के रायरांगपुर में ओडिशा में भाजपा सरकार की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल होने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने मंगलवार को इस यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की चूक को रोकने का निर्देश दिया।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हाईटेक होगा दून एयरपोर्ट: सुरक्षित उड़ान के लिए बनेगी नई आधुनिक एटीसी बिल्डिंग</title>
		<link>https://heraldscoop.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:25:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन को और बेहतर बनाने के लिए एक नई आधुनिक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान बिल्डिंग के स्थान पर परिसर में ही अन्य उचित जगह बनने वाली इस नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे एटीसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिकारी एक साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन को और बेहतर बनाने के लिए एक नई आधुनिक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान बिल्डिंग के स्थान पर परिसर में ही अन्य उचित जगह बनने वाली इस नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे एटीसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिकारी एक साथ अधिक विमानों को नियंत्रित कर सकेंगे।</p>



<p>नई ऑटोमेशन और आधुनिक सर्विलांस सुविधाओं से एयर स्पेस और एयरपोर्ट रनवे की क्षमता बढ़ेगी। आधुनिक सुविधाओं वाला नया एटीसी तैयार होने पर उसी एयरस्पेस में ज्यादा उड़ानों को नियंत्रित किया जा सकेगा। देहरादून एयरपोर्ट के आसपास का अधिकांश एयरस्पेस वायु सेना नियंत्रित करती है।</p>



<p>वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 22 से 24 उड़ानें आवाजाही करती हैं। प्राइवेट विमान और हेलिकॉप्टरों की संख्या अलग है। नए एटीसी बिल्डिंग तैयार होने और उसमें नए आधुनिक उपकरण लगने से एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, जिससे विमानों की आवाजाही और बेहतर तरीके से नियंत्रित की जा सकेगी।</p>



<p><strong>400 करोड़ की लागत से बनाया गया बड़ा टर्मिनल<br></strong>70 के दशक में बिरला द्वारा बनाई गई छोटी सी हवाई पट्टी को विकसित कर 2006-07 में देहरादून एयरपोर्ट का रूप दिया गया था। उस वक्त एटीसी, मौसम विभाग आदि की नई बिल्डिंग बनाई गई थी। तब टर्मिनल एक छोटे से भवन में संचालित किया जाता था।</p>



<p>2010 में करीब 30 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया था। पैसेंजर बढ़ने के बाद करीब 400 करोड़ की लागत से बड़ा टर्मिनल बनाया गया। इसी टर्मिनल भवन में 2024 से एयरपोर्ट संचालित किया जा रहा है। इसकी क्षमता पीक ऑवर में 3240 पैसेंजर तक की है, जबकि पुराने टर्मिनल में सिर्फ डेढ़ सौ पैसेंजर ही हैंडल किए जा सकते थे।</p>



<p>देहरादून एयरपोर्ट पर नई एटीसी बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे मौजूदा एयर स्पेस में ही और अधिक विमानों की आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं फ्लाइटों के संचालन में विलंब भी कम होगा।&nbsp;<strong>– भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>NEET छात्रों को बस किराये में 50% छूट, सीएम योगी का बड़ा ऐलान</title>
		<link>https://heraldscoop.com/neet-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-50/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Herald Scoop]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:10:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://amarrashtra.com/?p=171357</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ :&#160;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने मुहर्रम के जुलूस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>लखनऊ :&nbsp;</strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने मुहर्रम के जुलूस के दौरान नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।</p>



<p><strong>‘मुहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं’</strong><br>मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, नीट परीक्षा की तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मुहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं।&nbsp;मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नयी परंपरा की शुरुआत तथा तेज आवाज में डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने शांति भंग करने के प्रयासों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>



<p><strong>जिला प्रशासन को पहले से समन्वय बनाने के निर्देश</strong><br>उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को स्थानीय हितधारकों के साथ पहले से समन्वय स्थापित करने तथा प्रत्येक जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फुट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न दी जाए।&nbsp;उन्होंने कहा कि सभी की आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन नयी परंपरा का सृजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।</p>



<p><strong>59 जिलों में होगी नीट परीक्षा, साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल</strong><br>उन्होंने कहा कि 21 जून को प्रदेश के 59 जिलों में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए। साथ ही अन्य जिलों में परीक्षा देने पहुंचने वाले ऐसे अभ्यर्थियों के लिए, जिनके पास ठहरने की व्यवस्था न हो, आवश्यक अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।</p>



<p><strong>परीक्षा की शुचिता और अफवाहों पर कड़ी निगरानी</strong><br>मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों पर अफवाह, भ्रामक अथवा गलत सूचनाएं प्रसारित करने के प्रयासों पर कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।</p>



<p><strong>‘योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर’</strong><br>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति एवं ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है तथा इस वर्ष ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।</p>



<p><strong>योग दिवस कार्यक्रमों की तैयारियों पर जोर</strong><br>उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का प्रदेशभर में सीधा प्रसारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिवस कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 20 जून को नगर विकास, ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज विभागों द्वारा शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने, पुलिस बल की नियमित गश्त सुनिश्चित करने तथा सभी पुलिस लाइनों एवं पीएसी बटालियनों को योग दिवस कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भी दिए।<br><br><strong>जनशिकायतों के निस्तारण और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा</strong><br>जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा, अन्यथा उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।</p>



<p><strong>तीन दिनों में सीएमओ की तैनाती के निर्देश</strong><br>मुख्यमंत्री ने जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों में अनिवार्य रूप से सीएमओ की तैनाती करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि क्षेत्र में तैनाती केवल योग्यता के आधार पर होनी चाहिए। बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
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