रोज की छोटी-मोटी बातें भूलना भी हो सकता है डायबिटीज का संकेत
आज के समय में डायबिटीज एक ऐसी बीमारी बन चुकी है जो हर उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले रही है। जब भी हम डायबिटीज की बात करते हैं, तो अक्सर लोगों के दिमाग में ज्यादा प्यास लगना या बार-बार टॉयलेट जाना जैसे लक्षण ही आते हैं।
हालांकि, बार-बार प्यास लगना इसका एक मुख्य संकेत है, लेकिन इसके और भी कई ऐसे संकेत होते हैं, जिन्हें अक्सर छोटी-मोटी समस्या समझकर लोग टाल देते हैं। डायबिटीज के कारण आपके दिमाग पर भी असर होता है, जिस तरफ लोग कम ध्यान देते हैं। आइए जानें इन संकेतों के बारे में।
दिमाग की काम करने की क्षमता पर असर
खून में शुगर का स्तर सामान्य से कम या ज्यादा होना सीधे आपके दिमाग को प्रभावित कर सकता है। जिस तरह डायबिटीज शरीर के अन्य हिस्सों की नसों को नुकसान पहुंचाती है, ठीक उसी तरह यह दिमाग की नसों को भी डैमेज कर सकती है।
अक्सर लोग इसे काम का तनाव या बढ़ती उम्र मान लेते हैं, लेकिन चीजों को भूलना या फोकस में कमी आना डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। साथ ही, नई बातों को समझने या मुश्किल समस्याओं को सुलझाने में आने वाली परेशानी दिमाग की नसों पर पड़ रहे प्रभाव का नतीज हो सकती है।
पैरों और हाथों में अजीब झनझनाहट
पैरों में होने वाली हल्की जलन या झनझनाहट को अक्सर थकान या गलत जूते पहनने का कारण मान लिया जाता है। हालांकि, यह डायबिटिक न्यूरोपैथी का शुरुआती संकेत हो सकता है। हाथों या पैरों में सुई चुभने जैसा महसूस होना, सुन्नपन या अचानक होने वाला दर्द व पैरों के तलवों में जलन होना इसके संकेत हैं। ये लक्षण बताते हैं कि हाई ब्लड शुगर आपकी नसों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर चुका है।
आंखों में धुंधलापन
अगर आपको अचानक सब कुछ धुंधला दिखाई देने लगे, तो इसे सिर्फ चश्मे का नंबर बढ़ने से न जोड़ें। ब्लड में शुगर ज्यादा होने से आंखों के लेंस में सूजन पैदा कर सकती है, जिससे धुंधला दिखाई देने की समस्या हो जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है।
घाव भरने में देरी और बहुत थकान
हाई शुगर लेवल शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता और सेल रिपेयर को धीमा कर देता है। इसके साथ ही, दिन भर भरपूर मात्रा में खाने और सोने के बाद भी बहुत थकान महसूस होना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर शुगर का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है।
डायबिटीज के दूसरे सामान्य लक्षण
खाना खाने के बावजूद बार-बार भूख लगना।
बार-बार यूरिन आना, खासकर रात के समय बार-बार उठना।
बिना किसी कोशिश के वजन का तेजी से गिरना।



